نزلَ الفأرُ بيتي
| نزلَ الفأرُ بيتي | رفقة ً منْ بعد رفقهْ |
| حلقاً بعد قطارٍ | نزلوا بالبيتِ صفقهْ |
| ابن عرس رأس بيتي | صاعداً في رأس نَبْقَهْ |
| سيفهُ سيفٌ حديدٌ | شقهُ من ضلعِ سلقهْ |
| جاءنا يطرقُ بالليلِ | فدقَّ البابَ دقهْ |
| دخل البيتَ جِهَاراً | لم يدعْ في البيت فلقهْ |
| وتترسْ برغيفٍ | وصفقْ نازويه صفقهْ |
| صفقة أبصرتُ منها | في سوادِ العينِ زرقهْ |
| زرقة ً مثلَ ابنِ عِرْسٍ | أغبشٌ تَعْلُوهُ بُلْقَهْ |